स्टोरेज डिवाइस क्या होती है?
कंप्यूटर, मोबाइल या फिर किसी भी डिवाइस के लिए किसी जानकारी को Store करते रहने के लिए हमें कंप्यूटर के साथ स्टोरेज डिवाइस की आवश्यकता होती है। जो एक हार्डवेयर का ही भाग होता है। ऐसे ही सभी डिवाइस को जिनमे हम अपने डाटा को स्टोर करके रख सकते है। उन्हें ही स्टोरेज डिवाइस कहते हैं।
दोस्तों इस स्टोरेज डिवाइस में हम अपने सभी प्रकार के डाटा को Store करके रख सकते हैं। यह डाटा किसी भी फॉर्मेट में हो सकता है। जैसे फोटो, कॉन्टैक्ट, वीडियो, ऑडियो, डॉक्यूमेंट और फाइल इत्यादि। यह किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का छोटा सा भाग होता है। इसमें किसी डाटा को रखकर हम आगे किसी समय अपने काम के अनुसार उपयोग में ला सकते हैं। यहां पर डाटा स्टोर करने का मतलब है, कि इसे किसी भी डाटा जैसे लाखों फोटो, वीडियो, ऑडियो आदि को डिवाइस के अंदर रख पाते हैं।
स्टोरेज डिवाइस कितने प्रकार की होती है?
दोस्तों अब अगर बात करें कि Storage Device Kya Hai? और स्टोरेज डिवाइस कितने प्रकार के होते हैं? तो इसमें हम देखेंगे कि स्टोरेज डिवाइस दो प्रकार के होते हैं-
- प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस
- सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस
1. Primary Storage Device
अब अगर हम प्राइमरी स्टोरेज डिवाइसेज की बात करें तो इसमें कंप्यूटर की वो स्टोरेज आती है, जिसका उपयोग कंप्यूटर अपने ऑन होने के समय पर करता है। और कंप्यूटर के बंद होते ही सारा डाटा रैम से इरेस हो जाता है। जिसे हम प्राइमरी स्टोरेज कहते हैं। यह एक अस्थाई स्टोरेज होती है। जो सिर्फ कंप्यूटर के ऑन होने पर ही काम करती है। इसकी स्पीड बहुत ही ज्यादा होती है। इसलिए इसे प्राइमरी स्टोरीज कहा जाता है। उदाहरण के लिए रैम। यह एक प्राइमरी डाटा स्टोरेज है। जिस पर हमारे कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम RUN होते हैं।
दोस्तों प्राइमरी स्टोरेज पहले से ही कंप्यूटर में लगी होती है। जैसे रोम और रैम भी एक स्टोरेज का हिस्सा है। जिसका पूरा नाम है – रेंडम एक्सेस मेमोरी, यह कंप्यूटर के सारे सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम को RUN करने में सहायता करती है। और रोम मेमोरी हमारे बड़े से बड़े डाटा को सुरक्षित रखने में सहायता करती है। जिसका पूरा नाम है – रीड ओनली मेमोरी।
2. Secondary Storage Device
- HDD – दोस्तों यह कंप्यूटर में सबसे ज्यादा उपयोग होने वाली स्टोरेज डिवाइस है। जिसका उपयोग हम वीडियो, ऑडियो जैसी बड़ी फाइलों को रखने में करते हैं। इसका पूरा नाम है – हार्ड डिस्क ड्राइव। यह बाजार में 500GB से लेकर 1TB, 5TB और 10TB तक उपलब्ध है।
- SSD – असल में एसएसडी भी 1 स्टोरीज का ही प्रकार है। जिसका उपयोग हम हाई स्पीड डाटा ट्रांसफर और स्टोरेज के लिए करते हैं। इसमें हम अपने डाटा को बहुत ही स्पीड से Store कर सकते हैं। और उससे निकाल भी सकते हैं। इसके द्वारा हम आपने गेम भी अच्छे से खेल सकते हैं। इसका पूरा नाम है – सॉलिड स्टेट ड्राइव।
- USB – USB Drive और Flash Drive, दोस्तों यह स्टोरेज के भाग में छोटा और पोर्टेबल स्टोरेज होता है। जिसका उपयोग हम छोटी-छोटी फाइलें एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में ट्रांसफर करने के लिए भी करते हैं। इसका उपयोग हम अपनी प्रोजेक्ट और फाइल को डॉक्यूमेंट को कहीं पर भी ले जाने में भी करते हैं।
- Optical drive – दोस्तो इसमें एक गोल डिस्क होती है। जिस पर लेप लगा होता है। और हम इसमें अपने डेटा को रीड या राइट कर सकते हैं। इसका मतलब है उस पर रखा हुआ डाटा हम पढ़ सकते हैं या फिर हम खाली डिस्क पर कुछ लिख भी सकते हैं। उदहारण के लिए के लिए सीडी और डीवीडी।
- Floppy Disk – फ्लॉपी डिस्क एक मैग्नेटिक डिस्क होती है। जिसका उपयोग हम बहुत पहले के समय में करते थे। यह एक बहुत ही अच्छी पोर्टेबल डिवाइस थी, जिसका उपयोग हम अपने डाटा को Carry करने के लिए करते थे।




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